Monday, 7 January 2019

मोदी सरकार का ‘मास्टरस्ट्रोक’; 10 प्रतिशत सवर्ण आरक्षण की कैटगरी, जानें किसे मिलेगा लाभ

केंद्रीय कैबिनेट में फैसला किया है कि आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 1 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इस आरक्षण की खास बात यह है कि यह  5 फीसदी आरक्षण की सीमा के ऊपर होगा और इसके लिए मंगलवार को संविधान संशोधन लाया जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह कि मंगलवार को ही शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन है। इस मामले पर तमाम राजनीतिक दलों  की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बड़ा दांव चलते हुए आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 1 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद आरक्षण का कोटा 49.5 फीसदी से बढ़कर 59.5 फीसदी हो जाएगा। सरकार संविधान संशोधन के जरिए इस कदम को पूरा करने की कोशिश करेगी। केंद्रीय कैबिनेट में तय किया गया है कि यह आरक्षण शिक्षा और नौकरी में दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार ने कुछ पैमाने तय किए हैं।

जानिए, आखिर किसे मिलेगा आरक्षण।

काफी समय से ये मांग की जा रही थी कि आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण दिया जाएगा। आखिरकार केंद्रीय कैबिनेट ने इस फैसले पर मुहर लगा दी है। सूत्रों के मुताबिक आरक्षण का फायदा सिर्फ उन्हीं सवर्णों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होगी। इनके अलावा जिनके पास पांच एकड़ से कम जमीन होगी, वो भी इसके हकदार होंगे। एक हजार वर्ग फीट से छोटे घरवालों को भी इसका फायदा मिलेगा। निगम में आवासीय प्लॉट है तो 19 यार्ड से कम जमीन हो या फिर निगम से बाहर प्लॉट है तो 29 यार्ड से कम जमीन हो, उन्हें भी इसका फायदा मिलेगा।

संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में किया जाएगा बदलाव

मोदी सरकार आर्थिक आधार पर पिछड़े सवर्णों के लिए आरक्षण का फैसला लिया है, हालांकि इस तरह की कोई व्यवस्था अभी संविधान में नहीं है। ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार को इस फैसले को लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा। संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में बदलाव किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि मंगलवार को संसद में सरकार संशोधन बिल लेकर आएगी।

फिलहाल केंद्रीय कैबिनेट ने इस फैसले पर मुहर लगा दी है। हालांकि आरक्षण का कोटा बढ़ाने को लेकर उनकी राह थोड़ी कठिन हो सकती है क्योंकि संविधान संशोधन में सरकार को बाकी दलों के भी साथ की जरूरत होगी। देखना होगा दूसरे दल इस मुद्दे पर क्या फैसला करेंगे। बता दें कि मंगलवार को संसद के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन है। ऐसे में देखना होगा कि केंद्र सरकार इस फैसले को लेकर आगे क्या रणनीति अपनाती है।

मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले गरीब सवर्णों के लिए 1 फीसदी आरक्षण का मास्टर स्ट्रोक खेला है। माना जा रहा है कि SC-ST आरक्षण से जुड़े अध्यादेश पर सवर्णों की नाराजगी झेल रही बीजेपी ने इस प्रस्ताव से उन्हें खुश करने की कोशिश की है। बता दें कि तीन राज्यों में बीजेपी की हार के बाद इस तरह की बात उठ रही थी कि सवर्णों की नाराजगी के कारण बीजेपी को इस हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है कि बीजेपी को इसका फायदा मिल पाएगा या नहीं।

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