Monday, 7 January 2019

लोकसभा चनावों से पहले मोदी सरकार का फैसला, आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को मिलेगा 10%आरक्षण

मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सवर्ण वोट बैंक को साधने के लिए बड़ा फैसला लिया है। एएनआई के मुताबिक, कैबिनेट ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में दस फीसदी आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मोदी सरकार के इस फैसले को कथित तौर पर नाराज चल रहे सवर्णों को साधने के तौर पर देखा जा रहा है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले मास्टर स्ट्रोक खेला है! मोदी सरकार ने फैसला लिया है कि वह सवर्णों को 1 फीसदी आरक्षण देगी। सोमवार को मोदी कैबिनेट की हुई बैठक में सवर्णों को 1 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि यह आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिया जाएगा.

सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में मंगलवार को मोदी सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने संबंधी बिल पेश कर सकती है। सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार संविधान में संशोधन के लिए बिल ला सकती है।

सरकार के इस बड़े फैसले का भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि गरीब सवर्णों को आरक्षण मिलना चाहिए. पीएम मोदी की नीति है कि सबका साथ सबका विकास। सरकार ने सवर्णों को उनका हक दिया है। पीएम मोदी देश की जनता के लिए काम कर रहे हैं।

मालूम हो कि करीब दो महीने बाद लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सवर्णों को आरक्षण देने का फैसला बीजेपी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। हाल ही में संपन्न हुए मध्य प्रदेश, राजजगह और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में बीजेपी की हार हुई थी। इस हार के पीछे सवर्णों की नाराजगी को अहम वजह बताया जा रहा है।

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