Monday, 7 January 2019

राजनीति धुरंधर व बीजेपी नेता कुंजीलाल मीणा का निधन, 7 बार विधायक व 2 बार लोकसभा सांसद रहे

जयपुर। भाजपा के पूर्व विधायक कुंजीलाल मीना का सोमवार सुबह लम्बी बिमारी के बाद निधन हो गया। वे अस्थमा के चलते पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में ही भर्ती थे। उन्होंने जयपुर स्थित एक निजी अस्पताल में सुबह करीब चार बजे अंतिम सांस ली। मीना के निधन की खबर फैलते ही परिजनोंए समर्थकों और पार्टी कार्यकतार्ओं में शोक की लहार दौड़ गई। कुंजीलाल मीना को जयपुर के नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके इलाज को लेकर विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम उनके स्वास्थ्य को लेकर निगरानी में लगी हुई थी।

राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी माने जाने वाले बामनवास विधायक कुंजीलाल मीना की पार्टी तथा संगठन में किस कदर तूती बोलती है इसका जीता जागता नमूना यह था कि वे विधानसभा चुनावों में सात बार टिकट प्राप्त करने में कामयाब रहे थे। इसमें एक बार 1991 उपचुनाव में अपने छोटे भाई सुआलाल मीना को टिकट दिलाने में कामयाब रहे। यह अलग बात है कि उस समय उनको हार का मुंह देखना पड़ा। इसी तरह इस बार अपने पुत्र राजेन्द्र मीना को भी टिकट दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही। पूर्व विधायक कुंजीलाल मीना चार बार विधायकए एक बार लोकसभा सदस्य तथा पंचायत समिति प्रधान रह चुके थे।

सर्वप्रथम सन 1977 में वे स्वतंत्र पार्टी से विधायक चुने गए थे। इसके बाद फिर 198 में विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 1984 में हुए चुनावों में इंदिरा लहर के दौरान हार का सामना करना पड़ा। दस साल बाद फिर 199 में विधानसभा का चुनाव लडकर जीते। अगले वर्ष 1991 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी की ओर से मीना को सवाईमाधोपुर संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया गया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी रामस्वरूप मीना को पराजित कर संसद में प्रवेश किया। सीट खाली होने के कारण हुए उपचुनाव में छोटे भाई सुआलाल मीना को टिकट दिलाने में कामयाब तो रहेए लेकिन जीत का सेहरा नहीं बंधा पाए। वर्ष 1996 में फिर सवाईमाधोपुर संसदीय सीट से टिकट पाने में कामयाब रहे। इस बार कांग्रेस प्रत्याशी ऊषा मीना से हार गए। वर्ष 23 एवं 28 में लगातार दो बार विधायक का चुनाव हारेए लेकिन 199 के बाद वर्ष 213 में लंबे अंतराल के बाद जीत कर विधानसभा पहुंचे थे।

1984 से लेकर 218 के बीच की अवधि में से सिर्फ 1998 के विधानसभा चुनाव को छोड़ दिया जाए तो बाकि सभी चुनाव में कुंजीलालए उनके भाई सुआलाल और उनके बेटे राजेन्द्र मीणा को टिकट दिया गया। 1998 में भाजपा ने डॉण् किरोड़ीलाल मीणा को इस सीट से प्रत्याशी बनाया था और वह विजयी हुए थे। 1998 में ही कुंजीलाल का टिकट काटा गया था।

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