Saturday, 12 January 2019

गठबंधन पर पीएम मोदी ने कहा- देश मजबूत सरकार चाहता है, गठबंधन मजबूर सरकार चाहता है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसी सरकार है जिस पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं है. देश विकास के मंत्र के आधार पर आगे बढ़ रहा है. साथ ही उन्होंने देश के विकास, सुरक्षा, गरीब कल्याण, किसान हित के लिये आने वाले चुनाव में देश में ‘मजबूत सरकार’ चुनने की वकालत की. रामलीला मैदान में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि वे यह नहीं कहते कि सभी लक्ष्य पूरे कर लिये गए हैं, अभी भी बहुत कुछ करना है. लेकिन वह कहना चाहते हैं कि उन्होंने कमियों को दूर करने का ईमानदारी से प्रयास किया है. चुनौतियां चाहे जितनी भी बड़ी हो, प्रयास उतने ही ईमानदार होंगे. कोशिशों में कोई कमी नहीं होगी.

नई दिल्ली। दिल्ली में चल रहे भाजपा के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों की संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं और पोस्टाधिकारियों को संबोधित किया। इस अधिवेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और दूसरे बड़े नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दूसरे और आखिरी दिन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों पर हमला बोला।

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमसे पहले की सरकार का जो कार्यकाल था, उसने देश को बहुत अंधेरे में धकेल दिया था। अगर मैं कहूं कि भारत ने 24 से 214 के महत्वपूर्ण 1 साल, घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों में गंवा दिए, तो गलत नहीं होगा। 21वीं सदी की शुरूआत में ये 1 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण थे। देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। हम इस बात पर गर्व कर सकते हैं।’

पीएम मोदी ने कहा कि गठबंधन करने वाले मजबूर सरकार चाहते हैं ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में घोटाला किया जा सके, एंबुलेंस घोटाला किया जा सके। लेकिन हम मजबूत सरकार चाहते हैं ताकि उम्रष्मान भारत जैसी मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली योजना चलाई जा सकें। हम मजबूत सरकार चाहते हैं ताकि किसानों को फसलों का उचित दाम मिलें, वो मजबूर सरकार चाहते हैं ताकि यूरिया घोटाला किया जा सके।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के समय लोन लेने के दो तरीके थे। एक था कॉमन प्रोसेस और दूसरा कांग्रेस प्रोसेस। कॉमन प्रोसेस में आप बैंक से लोन मांगते थे और कांग्रेस प्रोसेस में बैंकों को कांग्रेस के घोटालेबाज मित्रों को लोन देने के लिए मजबूर किया जाता था। आजादी से लेकर 28 तक 6 सालों में बैंकों ने मात्र 18 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया था। लेकिन 28 से 214 तक ये आंकड़ा बढ़कर 52 लाख करोड़ हो गया यानि कांग्रेस के आखरी 6 साल में 34 लाख करोड़ के लोन दिए गए।’

1% आरक्षण पर ये कहा
मोदी ने कहा कि सामान्य श्रेणी के गरीब युवाओं को शिक्षा और सरकारी सेवाओं में 1% आरक्षण नए भारत के आत्मविश्वास को आगे बढ़ाने वाला है. ये सिर्फ आरक्षण नहीं है बल्कि एक नया आयाम देने की कोशिश है.उन्होंने कहा, ‘‘ आज के युवा को पता है कि उसकी आवाज सुनी जा रही है. वह जानता है कि उसके देश की शान मजबूत हो रही है. वह जानता है कि देश की आर्थिक और सामरिक हैसियत मजबूत हो रही है. प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि पहले से जिनको आरक्षण की सुविधा मिल रही थी उनके हक़ को छेड़े बिना, छीने बिना भाजपा सरकार द्वारा सामान्य वर्ग को 1% आरक्षण का प्रावधान किया गया है.

कार्यकर्ताओं से की अपील
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए कहा कि भाजपा के हर कार्यकर्ता को इस व्यवस्था के पीछे के भाव और इसके लाभ को समाज के भीतर व्यापक चर्चा करनी चाहिए. कुछ लोग कोशिश कर रहे है कि इस बारे में भ्रम फैला कर असंतोष की आग लगाते रहे हमें उनकी साजिशों को भी नाकाम करते चलना है प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम किसानों की समस्या के समाधान की बात करते हैं तो पहले की सच्चाइयों को स्वीकार करना जरूरी है. पहले जिनके पास किसानों की समस्याओं का हल निकालने का जिम्मा था, उन्होंने शॉर्टकट निकाले, उन्होंने किसानों को सिर्फ मतदाता बना रखा. उन्होंने कहा, हम अन्नदाता को ऊर्जादाता भी बनाना चाहते हैं. हमारी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को न सिर्फ लागू किया बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि किसानों को एमएसपी का डेढ़ गुना दाम मिले.

‘जनता तय करे- ईमानदार सेवक चाहिए या घर तोड़ने वाला’
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब जनता को तय करना है कि उसे कैसा प्रधानसेवक चाहिए। उन्होंने कहा, ‘आप कैसे सेवक को पसंद करते हैं? क्या ऐसे सेवक को पसंद करेंगे जो परिवार के एक-एक सदस्य को एक दूसरे के खिलाफ भड़काए? जो घर का सामान चोरी करे, पैसा चोरी करे और अपने परिवार और रिश्तेदारों में बांट दे? वह मोहल्ले के कुछ लोगों से मिलकर घर की मान-मर्यादा का अनादर करे? घर की में कोई समस्या हो तो वह 2-2, 3-3 महीने छुट्टी मनाने अज्ञात जगह पर चला जाए? जैसे आप अपने घर में सेवक चाहते हैं, वैसे ही तय करें कि देश का प्रधान सेवक कैसा हो। देश को रात-दिन कठोर परिश्रम करने वाला, नागरिकों की अपनेपन से सेवा करने वाला, ईमानदारी को उसूल मानने वाला, सबको एकजुट रखने वाला सेवक चाहिए या वो वाला चाहिए? देश तय करे, देश को कैसा सेवक चाहिए।’

घर बैठे फ्री में पैसे कमाने के लिए अभी देख - यहाँ कमाये

इस पोस्ट को अधिक से अधिक लोगो तक शेयर करे, और इस तरह के पोस्ट को पढने के लिए आप हमारी वेबसाइट विजिट करते रहे.