Sunday, 6 January 2019

भारी हिमपात और बारिश से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त, दिल्ली और आसपास इस मौसम की पहली बारिश

Jamshedpur, Jammu and Kashmir, Himachal Pradesh and Uttarakhand with heavy snowfall and rain, this season's first rain

उत्तरी पर्वतीय राज्यों में बारिश और बर्फबारी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में कल पांच इंच बर्फ गिरी। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बर्फबारी और फिसलन के कारण वाहनों का आना-जाना बाधित है।

हिमाचल प्रदेश में कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल- स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने से शीतलहर और बढ़ गई है। पर्यटकों और आम लोगों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नहीं जाने को कहा गया है।

cold wave

उत्तराखंड में केदारनाथ, बद्रीनाथ और औली में कल फिर हिमपात हुआ। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में भारी बर्फबारी और वर्षा की चेतावनी दी है।

समूचे प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मैदानी क्षेत्रों में सुबह और शाम कोहरा छाया हुआ है। वहीं केदानाथ, बद्रीनाथ, हेमकुंड, गंगोत्री, ऑली और मुनस्यारी से बर्फबारी होने की सूचना प्राप्त हुई है। मौसम विभाग ने गढ़वाल और कुमाउं के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात और वर्षा की संभावना बताई है। संजीव सुंदरीयाल, आकाशवाणी समाचार, देहरादून।

दिल्ली और आसपास आज इस मौसम की पहील बारिश हुई। दिल्ली की वायु गुणवत्ता में कल मामूली सुधार देखा हुआ।

मौसम विभाग ने चक्रवात पाबुक के आज शाम तक अंडमान निकोबार द्वीप पहुंचने की चेतावनी जारी की है। पोर्ट ब्लेयर मौसम कार्यालय के अनुसार चक्रवात पाबुक पोर्ट ब्लेयर के 37 किलोमीटर पूर्व -दक्षिण-पूर्व अंडमान सागर पर केंद्रित है।

चक्रवाती तूफान पाबुक के प्रभाव से द्वीप समूह के कई भागों में आज सुबह से वर्षा हो रही है। हवा की गति 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रहेगी। इसके बढ़कर 85 किलोमीटर प्रति घंटा तक होने के संभावना है। बाद में यह तूफान उत्तर, उत्तर-पश्चिम की दिशा में बढ़ते हुए म्यामां तट की ओर निकल जायेगा और सात और आठ जनवरी को धीरे-धीरे कमजोर पड़ जायेगा। चक्रवाती तूफान को देखते हुए जहाजरानी विभाग की ओर से आज अंतरद्विपीय जलयान सेवाओं की रद्द कर दिया गया है, लेकिन शहीद और स्वराज द्वीप में पर्यटकों को लाने के लिए सरकारी जलयानों के साथ-साथ निजी जलयानों की भी इन द्वीपों के लिए रवाना किया गया है। लोगों से सुरक्षित जगहों पर बने रहने को कहा गया है। मछुआरों से कहा गया है कि वे समुद्र में न जायें। राष्ट्रीय आपोस्टा मोचक बल की दो टीमों की तैनाती कर दी गई है।

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