Tuesday, 12 March 2019

देखे, डिजिटल जगत को काफी स्वतंत्र पाते हैं बिजॉय नांबियार..

फिल्मकार-लेखक बिजॉय नांबियार का कहना है कि वह वेब जगत में अपने सफर की शुरुआत को लेकर उत्सुक हैं, क्योंकि यह फिल्मकारों को विभिन्न कहानियां बताने के लिए एक मंच प्रदान करता है। वे इसे बहुत स्वतंत्र पाते हैं। नांबियार ने आईएएनएस को बताया, “वेब जगत को लेकर मैं बहुत ज्यादा उत्साहित हूं और अधिकतर फिल्मकारों की तरह हम भी इसमें प्रवेश करने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि यह मंच हमें सभी तरह की कहानियां बताने का एक मंच प्रदान करता है, जिसे कभी-कभार फीचर फिल्म प्रारूप में बताना संभव नहीं हो पाता है। एक फिल्मकार के रूप में इसे तलाशना बहुत ही ज्यादा स्वतंत्र है।”

उन्होंने कहा, “विभिन्न तरीकों से प्रयास करना व कहानियां बतलाना और दर्शकों के साथ जुड़ने का प्रयास करना इसकी ताकत है, जो कि हम फीचर फिल्म प्रारूप में नहीं कर पाएंगे।”

‘सोलो’ निर्देशक की पहली डिजिटल फिल्म ‘फ्लिप’ का जल्द ही ‘एरोस नाउ’ पर प्रीमियर होगा।

उन्होंने कहा, “मैंने इसे (‘फ्लिप’) एक फीचर फिल्म की तरह ही अप्रोच किया। मैंने इसे बनाते वक्त कभी नहीं सोचा कि मैं कोई डिजिटल फिल्म बना रहा हूं। मुझे इसके प्रति एक अलग तरह की संवेदनशीलता अपनानी चाहिए थी।”

फिल्मकार ने कहा, “मैं हर कहानी को ऐसे बनाता हूं जैसे मैं कोई लघु फीचर फिल्म बना रहा हूं। मुझे लगता है कि ये मुझे कहानी को आकार देने में मदद करता है..ये कोई लंबा प्रारूप शो नहीं है। हर एपिसोड एक नई कहानी है।”

‘फ्लिप’ चार छोटी कहानियों की एक सीरीज है।