Friday, 15 March 2019

हर दिन अपने घर के बाहर शहीदों की बॉडी देखती थी परिणिती, पुलवामा अटैक को लेकर दिया कड़ा बयान!..

दोस्तों आज मैं आपके लिए कुछ मनोरंजन से जुडी कुछ नयी ख़बर लेकर आया हु, इस पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहें.

बॉलीवुड की अभिनेत्री परिणिती इस समय अपनी फिल्म केसरी को लेकर चर्चा में है फिल्म को रिलीज होने में अब सिर्फ कुछ ही समय बाकि है हाल ही में फिल्म का नया पोस्टर रिलीज किया गया है।इस समय परिणिती फिल्म के हीरो अक्षय कुमार के साथ फिल्म के प्रमोशन में बिजी है हाल ही में इस दौरान एक इंटरव्यू में पहुंची परिणिती से पुलवामा अटैक के बारे में  सवाल किये गये जी हां गौरतलब है 14 फरवरी को हुए इस अटैक के बाद पूरे भारत में शोक की लहर चल पड़ी थी।

वही अब इस हमले के बाद परिणिती ने भी अपनी राय सामने रखी।आपको बता दें दरअसल परिणिती के पिता भी आर्मी ऑफिसर है जिसके कारण उनका बयान इस सवाल पर कई मायने रखता है पुलवामा अटैक के बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान से .युद्द करने की नीति फैलने लगी थी जब इसके बारे में परिणिती से पूछा गया तो उन्होनें कहा- कारगिल युद्ध का समय मैं कभी भी नहीं भूल सकती। यह 1999 का साल था। मैं 11 साल की थी। हमारा घर अंबाला के आर्मी कैंट में था, आज भी है। हमारे घर के सामने से आर्मी के वह ट्रक गुजरा करते थे, जिनमें शहीद जवानों की बॉडी होती थी। कभी-कभी उन ट्रकों का पिछला दरवाजा खुला रह जाता था, कारगिल युद्ध के दौरान मेरे घर के सामने से दिन भर ऐसे कई ट्रक गुजरते और उन ट्रकों का काम होता शहीदों की बॉडी उनके घर पहुंचाना। 

वॉर की बात करते हुए परिणिती ने कहा- ‘आपके पिता अगर आर्मी में होते तो आप कभी वॉर होने की बात नहीं करते। मेरे पिता आर्मी में हैं, इसलिए मैं कभी वॉर की बात नहीं करूंगी, क्योंकि मैं जानती हूं, आपके इस वॉर की मांग के बाद मेरे पिता, मेरा भाई, मेरा हज़्बंड ही वॉर पर जाएंगे। मैं इस बारे में दिन भर बात कर सकती हूं। यह सब मेरी परवरिश में हैं।’ 

दरअसल पुलवामा अटैक के बाद भारत की ओर से की गई एयरस्ट्राइक के बाद भारत ने चैन की सांस ली थी।लेकिन इसके बाद कुछ लोग सरकार से स्ट्राइक के सबूत मांग रहे है जब इसके बारे में परिणिती से पूछा गया तो उन्होनें कहा- माफ करें, इस बारे में कुछ नहीं बोल पाऊंगी, क्योंकि इस मामले में मेरी राय महत्वपूर्ण नहीं है। मैं एक ऐक्ट्रेस हूं इसलिए आज आपके सामने बैठी हूं, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि जो मैं बोलूं वह सच हो, इसलिए मैं इन बारे में कुछ नहीं बोलना चाहती हूं। मेरी पर्सनल राय मेरे अंदर है। मैं आर्मी से तब से जुड़ी हूं, जब पैदा भी नहीं हुई थी। मैं आर्मी कैंट में पली-बढ़ी हूं। कारगिल वार मेरे सामने हुआ है क्योकि उस युद्ध में अंबाला कैंट सभी चीजों का सेंटर था। सच बताऊं तो मैं बहुत कुछ फील करती हूं। 

बात यदि फिल्म केसरी की करे तो फिल्म 21 मार्च को रिलीज होने वाली है। 1897 में हुई सारागढ़ी की लड़ाई पर आधारित है, जो ब्रिटिश इंडियन आर्मी की सिख रेजिमेंट और अफगान-पश्तो मिलिट्री के बीच हुई थी। इस लड़ाई में रेजिमेंट के 21 सिख सैनिकों ने 10,000 अफगानियों का बहादुरी से सामना किया था। इस फिल्म को अनुराग सिंह ने डायरेक्ट किया है।

 

 

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