Monday, 13 August 2018

# ट्यूमर जैसी घातक बीमारी के लिए हल्दी है रामबाण इलाज़ ऐसे करें प्रयोग

# ट्यूमर जैसी घातक बीमारी के लिए हल्दी है रामबाण इलाज़ ऐसे करें प्रयोग



भारतीय मसालों का एक अहम हिस्सा हल्दी का सत आसानी से घुल कर ट्यूमर तक पहुंच जाता है और कैंसर कोशिकाओं को खत्म करता है। 
हल्दी का चिकित्सा उपचार में काफी महत्व है ,और बिना पके मांस में रोगाणुओं को खत्म करने में कारगर है, हाल में वैज्ञानिकों ने पता लगाया है, कि हल्दी से अलग किए जाने वाले और प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थ करक्यूमिन कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने का एक प्रभावी एजेंट है।
यूनिवर्सिटी ऑफ इलीनोइस में एसोसिएट प्रोफेसर दीपांजन पान ने बताया कि अब तक करक्यूमिन का पूरा फायदा नहीं उठाया जा सका था क्योंकि यह पानी में पूरी तरह नहीं घुल पाता।

डॉक्टर ने कहा…

पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ता संतोष मिश्रा ने कहा, दवा देने के लिए यह जरूरी है कि वह पानी में घुलनशील हो, अन्यथा यह खून के साथ मिलेगी नहीं। 
अमेरिका में यूटा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं समेत अन्य शोधकर्ताओं ने प्लेटिनम की मदद से ऐसी प्रक्रिया तैयार की है, जो करक्यूमिन की घुलनशीलता को संभव बनाती है।

मेलेनोमा नामक घातक कैंसर को करता है कम …

वैज्ञानिकों के अनुसार विटामिन बी3 के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली थेरेपी संभवत: मेलेनोमा नामक घातक त्वचा कैंसर के खतरे को कम कर सकती है। 
इन वैज्ञानिकों में भारतीय मूल का एक वैज्ञानिक भी शामिल है। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि निकोटिनामाइड, डीएनए में हुई क्षति, सूजन और पराबैंगनी विकिरण की वजह से कम हो रही रोग- प्रतिरोधक क्षमता घटाने और उसे उलटने में मदद कर सकते है।


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Friday, 10 August 2018

# करी पत्ते से मिलते हैं कमाल के फायदे, इसके लाभ जानकर इस्तेमाल करने पर हो जाएंगे मजबूर

# करी पत्ते से मिलते हैं कमाल के फायदे, इसके लाभ जानकर इस्तेमाल करने पर हो जाएंगे मजबूर


करी पत्ता को मीठा नीम भी कहा जाता है इसको मीठा नीम इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनके पत्ते नींद की तुलना में थोड़े कम कड़वे और कसैले होते हैं करी पत्ता के पौधे पूरे भारतवर्ष में पाए जाते हैं इसका पौधा बड़ी ही आसानी से गमले में उगाया जा सकता है करी पत्ता का सबसे अधिक उपयोग भोजन में अपनी खास महक पैदा करने के लिए किया जाता है आयुर्वेद की दृष्टि से करी पत्ता के बहुत सारे फायदे होते हैं.
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इसके माध्यम से कई स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान किया जा सकता है करी पत्ता की ताजा पत्तियों में एक अलग ही खुशबू पाई जाती है जो फ्रिज या बाहर रखने पर कम हो जाती है इसलिए कोशिश करना चाहिए कि हमेशा ताजा करी पत्ता का प्रयोग करें।



आज हम आपको इस लेख के माध्यम से करी पत्ता के सेवन से हमारे शरीर को क्या-क्या लाभ प्राप्त होते हैं इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं यदि आप इससे मिलने वाले लाभ के बारे में जानेंगे तो आप भी इसका सेवन आरंभ कर देंगे।
आइए जानते हैं करीपत्ता से मिलने वाले फायदों के बारे में

लीवर के लिए है फायदेमंद


हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हमारा लीवर होता है यह बिना रुके लगातार काम करता रहता है इसलिए इसका स्वस्थ होना बहुत जरूरी है करीपत्ता लीवर को मजबूत बनाता है यह लीवर को बैक्टीरिया तथा वायरल इंफेक्शन से बचाता है इसके अतिरिक्त यह फ्री रेडिकल्स हेपेटाइटिस सिरोसिस जैसी कई बीमारियों से भी रक्षा करता है।

आंखों को रखता है स्वस्थ्य


करी पत्ते में विटामिन ए की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है अगर व्यक्ति के शरीर में विटामिन ए की कमी हो तो इससे आंखों की रोशनी कम होने लगती है विटामिन ए आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही आवश्यक है यदि आप अपने शरीर में विटामिन ए की कमी को पूरा करना चाहते हैं तो आप इसके लिए करी पत्ते का सेवन कर सकते हैं जिससे आपकी आंखों से संबंधित परेशानियां दूर होंगी और आपकी आंखों की रोशनी बरकरार रहेगी।

बालों के लिए फायदेमंद


करी पत्ते में बालों को मॉइश्‍चराइजिंग करने वाले गुण उपलब्ध होते हैं जो बालों को गहराई से साफ करते हैं बालों को बढ़ाने के साथ-साथ इसको मजबूत भी बनाते हैं इसके लिए आप करी पत्ते की सूखी पत्तियों का पाउडर बना लीजिए और इसको तिल या नारियल के तेल में मिला लीजिए फिर इस तेल को थोड़ा गर्म करके सिर पर मसाज कीजिए और इसको रात भर ऐसे ही रहने दीजिए सुबह उठकर शैंपू से धो लीजिए अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके बाल झड़ना बंद हो जाएंगे और मजबूत बनेंगे।

कैंसर से करता है बचाओ


करी पत्ते में बहुत से प्रकार के एंटीआक्सीडेंट और फेनोल्स पाए जाते हैं जो हमें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में सहायता करते हैं करी पत्ते का विशेष तत्व ल्यूकेमिया प्रोस्टेट कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव करने में सक्षम होता है।

डायबिटीज में फायदेमंद


अगर करी पत्ते का सेवन किया जाए तो इससे खून में शुगर की मात्रा कम होती है इसमें मौजूद फाइबर भी शुगर का लेवल सही करने में हमारी सहायता करता है इसके अतिरिक्त यह आपके पाचन को सुधारता है और वजन कम करने में भी सहायता करता है 
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यदि आप डायबिटीज से बचना चाहते हैं तो करी पत्ते का सेवन अवश्य कीजिए।

Sunday, 5 August 2018

# अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी?अंततः वैज्ञानिकों ने इसका जवाब ढूंढ ही लिया

# अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी?अंततः वैज्ञानिकों ने इसका जवाब ढूंढ ही लिया


हमारे समाज में भोजन के मामले में दो तरह के लोग हैं एक तो शाकाहारी और दूसरे मांसाहारी लेकिन एक तीसरा तबका भी है जिसके बारे में सब बात नहीं करते जिसे कहते हैं अंडाहारी, हम इस शब्द का इस्तेमाल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अभी तक इस सवाल का जवाब हमारे पास नहीं था कि अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी लेकिन वैज्ञानिकों ने इस सवाल का जवाब खोज लिया है।

कुछ का मानना है कि अंडे मांसाहारी हैं क्योंकि वे एक मुर्गी से आते हैं। दूसरी ओर, कुछ अन्य मानते हैं कि वे शाकाहारी हैं। तो, हमें अंतिम जवाब के रूप में क्या विचार करना चाहिए?

अंत में, हमारे पास वैज्ञानिकों का उत्तर है। शोध करने के बाद, वैज्ञानिकों ने इस बहस को समाप्त कर दिया है और कहा है कि अंडे "शाकाहारी" हैं।

यह शाकाहारियों के लिए एक बढ़िया समाचार है क्योंकि वे अपने आहार में एक और चीज जोड़ सकते हैं। वैज्ञानिकों ने समझाया कि अंडे में 3 भाग होते हैं अंडे का खोल, अंडे का सफेद भाग और अंडे की जर्दी। जर्दी में वसा, कोलेस्ट्रॉल और प्रोटीन होते हैं जबकि सफेद केवल प्रोटीन होते हैं।

वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि रोजाना खाए जाने वाले अंडे पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं और भ्रूण नहीं होते हैं। अब, इस बात को अपने दिमाग में फिट करें कि आप पक्षी / जानवर नहीं खा रहे हैं क्योंकि इन अंडों में भ्रूण नहीं होते हैं और वे उर्वरक नहीं होते हैं।